राज्यपाल से नाबार्ड के प्रतिनिधिमंडल की शिष्टाचार भेंट: ग्रामीण विकास और कृषि आर्थिकी को मजबूत करने पर हुई चर्चा
हिमाचल के संतुलित विकास के लिए प्राकृतिक खेती और ग्रामीण उद्यमिता पर राज्यपाल ने दिया विशेष बल।

13/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता से आज लोक भवन में राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व नाबार्ड हिमाचल प्रदेश के मुख्य महाप्रबंधक विवेक पठानिया ने किया। बैठक के दौरान प्रदेश के ग्रामीण और कृषि परिदृश्य को बदलने के लिए चल रही विभिन्न योजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
नाबार्ड की विकासात्मक गतिविधियों का ब्यौरा
मुख्य महाप्रबंधक विवेक पठानिया ने राज्यपाल को प्रदेश में संस्थान द्वारा संचालित प्रमुख नवाचारों से अवगत करवाया। उन्होंने बताया कि नाबार्ड वर्तमान में हिमाचल में निम्नलिखित क्षेत्रों पर केंद्रित है:
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ग्रामीण अवसंरचना सुदृढ़ीकरण: गाँवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास।
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वित्तीय समावेशन: बैंकिंग सेवाओं को दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुँचाना।
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आजीविका संवर्धन: वाटरशैड विकास और कृषि आधारित स्वरोजगार के अवसरों का सृजन।
किसानों के सशक्तिकरण पर राज्यपाल का जोर
राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति प्रदान करने में नाबार्ड की भूमिका की सराहना की। उन्होंने कहा कि नाबार्ड जैसे संस्थान न केवल किसानों के सशक्तिकरण में सहायक हैं, बल्कि ग्रामीण समुदायों के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए भी रीढ़ की हड्डी के समान हैं।
राज्यपाल ने विशेष रूप से इन बिंदुओं पर कार्य करने की आवश्यकता जताई:
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प्राकृतिक खेती: रसायनों से मुक्त कृषि को बढ़ावा देना।
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महिला सशक्तिकरण: ग्रामीण महिलाओं को कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाना।
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प्रौद्योगिकी आधारित दृष्टिकोण: कृषि उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीकों का समावेश।
भविष्य की राह: समावेशी विकास
राज्यपाल ने विश्वास व्यक्त किया कि नाबार्ड भविष्य में भी अपनी नवीन योजनाओं और तकनीकी सहयोग के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा। उन्होंने कौशल विकास और ग्रामीण उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए और अधिक सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया।
इस अवसर पर नाबार्ड के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर विकास कार्यों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने की प्रतिबद्धता दोहराई।



