धर्मशाला: ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम में बोले राज्यपाल— आर्थिक विकास के साथ सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण भी जरूरी
केंद्रीय विश्वविद्यालय में 'युवा संगम' कार्यक्रम की अध्यक्षता; एनआईटी पुडुचेरी के छात्रों को किया सम्मानित और युवाओं से स्टार्टअप व नवाचार में आगे बढ़ने का किया आह्वान।

21/05/2026-VIDYA A SAGAR
धर्मशाला (विशेष ब्यूरो): हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने आज धर्मशाला स्थित केंद्रीय विश्वविद्यालय में ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ पहल के अंतर्गत आयोजित ‘युवा संगम’ कार्यक्रम की अध्यक्षता की। इस विशेष अवसर पर राष्ट्रीय एकता अभियान के तहत एनआईटी (NIT) पुडुचेरी के विद्यार्थी भी मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान दोनों संस्थानों के छात्रों ने शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर भारत की ‘विविधता में एकता’ की खूबसूरत झलक पेश की।

आधुनिक तकनीक अपनाएं, लेकिन जड़ों को न भूलें
समारोह में उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने जीवन में संतुलन बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि आज के इस तेजी से बदलते और आधुनिक दौर में देश की आर्थिक प्रगति जितनी जरूरी है, उतनी ही आवश्यक हमारी समृद्ध सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं का संरक्षण भी है।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आधुनिक तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence), नवाचार (Innovation) और स्टार्टअप के क्षेत्र में निडर होकर आगे बढ़ें।
“आज के युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि अपनी सोच और उद्यमशीलता के दम पर दूसरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित करने का प्रयास करना चाहिए।” — कविन्द्र गुप्ता, राज्यपाल
‘युवा संगम’ राष्ट्रीय एकता का प्रभावी मंच

राज्यपाल ने ‘युवा संगम’ कार्यक्रम की सराहना करते हुए इसे राष्ट्रीय एकता, सांस्कृतिक समरसता और युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा देने वाला एक बेहतरीन मंच बताया। उन्होंने कहा कि भारत की विविधता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। ऐसे आयोजनों के माध्यम से देश के अलग-अलग कोनों से आए युवाओं को एक-दूसरे की संस्कृति, वेशभूषा, खान-पान, परंपराओं और जीवन मूल्यों को करीब से समझने व उनका सम्मान करने का अनमोल अवसर मिलता है।
उन्होंने केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला की पीठ थपथपाते हुए कहा कि यह पहल विद्यार्थियों को भारत की वास्तविक आत्मा से परिचित करवाने का एक बेहद महत्वपूर्ण माध्यम है।
हिमाचल की समृद्ध विरासत को समझें युवा
देवभूमि हिमाचल प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का विशेष उल्लेख करते हुए राज्यपाल ने एनआईटी पुडुचेरी से आए बाहरी छात्रों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी यहाँ के स्थानीय लोगों से संवाद करें और प्रदेश की अनूठी परंपराओं, सीधे-सादे सामाजिक जीवन और यहाँ के सौंदर्य को निकट से जानें।
उन्होंने याद दिलाया कि भारत इस समय विश्व की सबसे बड़ी युवा आबादी वाला देश है। युवाओं की यही ऊर्जा, रचनात्मकता और नवाचार ही आने वाले समय में देश के भविष्य को एक नई और गौरवशाली दिशा प्रदान करेंगे।
पुडुचेरी के प्रतिनिधिमंडल का सम्मान
इस भव्य कार्यक्रम के दौरान राज्यपाल ने एनआईटी पुडुचेरी से आए प्रतिनिधिमंडल और छात्रों को सम्मानित भी किया। कार्यक्रम में केंद्रीय विश्वविद्यालय धर्मशाला के कुलाधिपति प्रो. हरमोहिंदर सिंह बेदी, कुलपति प्रो. सत प्रकाश बंसल, एनआईटी पुडुचेरी के डॉ. गौरीशंकर सहित विश्वविद्यालय के शिक्षकगण, भारी संख्या में विद्यार्थी एवं कई अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।



