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शहादत की वो दास्तां जो हर आँख नम कर दे: 7 दिन पहले घर आया नन्हा मेहमान, आज तिरंगे में लिपटकर लौटा देश का वीर जवान

पीछे छूट गया एक हफ्ते का मासूम बेटा और बेसुध पत्नी; देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद को शत-शत नमन

VIDYA SAGAR

विशेष संवाददाता | 2 जून 2026

मुख्य बिंदु:

  • देश की रक्षा करते हुए भारतीय सेना के जांबाज सैनिक ने दिया सर्वोच्च बलिदान।

  • मात्र 7 दिन पहले ही शहीद के घर गूंजी थी बेटे के जन्म की खुशियां।

  • पूरे सैन्य सम्मान के साथ किया जाएगा अंतिम संस्कार, रोता-बिलखता परिवार देख हर कोई स्तब्ध।


शहीद नगर/गांव: देश की सीमाओं की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीरों की कहानियां अक्सर हमें गौरवान्वित भी करती हैं और अंदर तक झकझोर भी देती हैं। एक ऐसी ही हृदयविदारक लेकिन अदम्य साहस की खबर सामने आई है, जहां एक जांबाज सैनिक ने मातृभूमि की वेदी पर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।

खुशियां मातम में बदलीं: हफ्ते भर पहले पिता बना था वीर

नियति का क्रूर खेल देखिए कि अभी ठीक 7 दिन पहले ही इस वीर जवान के घर में किलकारियां गूंजी थीं। परिवार, रिश्तेदार और पूरा गांव बेटे के जन्म के जश्न में डूबा हुआ था। पिता बनने की खुशी से सराबोर जवान ने फोन पर अपने बच्चे की सूरत देखी थी और जल्द घर आने का वादा किया था। लेकिन किसे पता था कि यह वादा इस रूप में पूरा होगा। आज जब उस मासूम ने ठीक से अपनी आंखें भी नहीं खोली हैं, उसके पिता तिरंगे में लिपटकर, अमर होकर अपने आंगन लौटे हैं।


परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, बेसुध हुई पत्नी

शहीद का पार्थिव शरीर जैसे ही उनके पैतृक निवास पर पहुंचा, पूरा माहौल गगनभेदी नारों और चीत्कारों से गूंज उठा। अपने सुहाग को खो चुकी पत्नी बेसुध है, जो बार-बार अपने 7 दिन के मासूम को देख कलेजा पीट रही है। बुजुर्ग माता-पिता की आंखों के आंसू सूख चुके हैं, लेकिन इस भारी दुख के बीच भी उन्हें अपने बेटे की शहादत पर गर्व है।


ग्रामीणों ने रूंधे गले से कहा: “7 दिन पहले हम इसी घर में बधाई देने आए थे, और आज भगवान ने हमसे हमारे गांव का कोहिनूर छीन लिया। लेकिन हमारे भाई ने देश का सिर झुकने नहीं दिया।”


पूरा इलाका उमड़ा अंतिम दर्शन को

वीर शहीद के अंतिम दर्शन के लिए आस-पास के दर्जनों गांवों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे हैं। हवा में सिर्फ “जब तक सूरज चांद रहेगा, शहीद तेरा नाम रहेगा” और “भारत माता की जय” के नारे गूंज रहे हैं। सेना के वरिष्ठ अधिकारियों और स्थानीय प्रशासन ने शहीद को पुष्पांजलि अर्पित की। शहीद जवान को पूरे राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी जाएगी।

मां भारती के इस वीर सपूत का यह सर्वोच्च बलिदान देश कभी नहीं भूलेगा। himachalnewsdaily.com परिवार की ओर से अमर शहीद को शत्-शत् नमन और भावभीनी श्रद्धांजलि।


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