रूस-यूक्रेन युद्ध: कीव पर रूस का अब तक का सबसे बड़ा हवाई हमला, जल उठे कई इलाके; यूक्रेन के ड्रोन वार से रूसी तेल रिफाइनरी ठप
कीव में मची भारी तबाही, आसमान में छाया धुआं; यूक्रेन ने रूस के फ्यूल सप्लाई चेन पर किया सीधा प्रहार

VIDYA SAGAR
अंतर्राष्ट्रीय डेस्क, नई दिल्ली | 2 जून 2026
मुख्य बिंदु:
-
रूसी वायुसेना ने यूक्रेन की राजधानी कीव को बनाया निशाना; कई रिहायशी और रणनीतिक इलाकों में भीषण आग।
-
यूक्रेन का पलटवार: रूसी सीमा के भीतर घुसकर ड्रोन से तेल रिफाइनरी को उड़ाया, कामकाज पूरी तरह ठप।
-
दोनों देशों के बीच हवाई हमलों (Airstrikes) में आई भारी तेजी, वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ा।
कीव/मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध ने एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ ले लिया है। पिछले 24 घंटों में दोनों पक्षों की ओर से किए गए विनाशकारी हमलों ने पूरे युद्ध क्षेत्र को दहला दिया है। एक तरफ जहाँ रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव पर मिसाइलों और सुसाइड ड्रोन्स से भीषण हमला बोला है, वहीं यूक्रेन ने भी रूस के आर्थिक तंत्र पर चोट करते हुए उसकी एक विशाल तेल रिफाइनरी को निशाना बनाया है।
कीव पर रूसी मिसाइलों का कहर, आसमान में दिखा सिर्फ धुआं
यूक्रेनी रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, रूसी सेना ने आधी रात को कीव पर बहुस्तरीय (Multi-layered) हवाई हमला किया। इस हमले में क्रूज़ मिसाइलों और ड्रोन्स का इस्तेमाल किया गया। हालांकि यूक्रेन के एयर डिफेंस सिस्टम ने कई मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, लेकिन मलबे गिरने और कुछ मिसाइलों के सीधे टारगेट पर लगने से कीव के कई इलाकों में भीषण आग लग गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, धमाके इतने तेज थे कि कई किलोमीटर दूर तक धरती कांप उठी। दमकल कर्मी और आपातकालीन सेवाएं लगातार आग पर काबू पाने और मलबे में दबे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं।
यूक्रेन का बड़ा पलटवार: रूस की लाइफलाइन पर चोट
इस भारी तबाही के कुछ ही घंटों के भीतर यूक्रेन ने भी मॉस्को को तगड़ा जवाब दिया है। यूक्रेनी सेना ने सीमा पार रूस के अंदरूनी हिस्से में स्थित एक प्रमुख तेल रिफाइनरी (Oil Refinery) पर सिलसिलेवार ड्रोन हमले किए।
बढ़ता वैश्विक संकट
रणनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि यूक्रेन द्वारा रूस के तेल और ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाए जाने से रूस आने वाले दिनों में अपने हमलों को और अधिक आक्रामक कर सकता है। इस ताज़ा सैन्य टकराव के बाद अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में एक बार फिर उछाल आने की आशंका पैदा हो गई है।



