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स्वास्थ्य क्षेत्र में बिलासपुर की बड़ी उड़ान: AIIMS में होने जा रही है विशेषज्ञ डॉक्टरों की महा-भर्ती, 6 राज्यों के मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

​अब गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा चंडीगढ़ या दिल्ली; एम्स प्रबंधन ने 19 सुपर-स्पेशियलिटी विभागों में प्रोफेसरों और सीनियर डॉक्टरों के खाली पद भरने की प्रक्रिया की शुरू।

04/06/2026-VIDYA SAGAR

बिलासपुर (हिमाचल प्रदेश) | 4 जून, 2026

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले और पूरे उत्तर भारत के स्वास्थ्य क्षेत्र से इस वक्त की सबसे बड़ी और राहत भरी खबर सामने आ रही है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) बिलासपुर ने अपने बुनियादी ढांचे और स्वास्थ्य सेवाओं को वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए एक मेगा रिक्रूटमेंट ड्राइव (महा-भर्ती अभियान) शुरू किया है। इस फैसले के तहत संस्थान के 19 सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में वरिष्ठ विशेषज्ञ प्रोफेसरों और डॉक्टरों की नियुक्तियां की जा रही हैं।

​एम्स प्रबंधन के इस कदम से न केवल हिमाचल बल्कि पड़ोसी राज्यों के लाखों मरीजों को अब गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए चंडीगढ़ (PGI) या दिल्ली (AIIMS) के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे


इन सुपर-स्पेशियलिटी विभागों को मिलेंगे नए ‘गॉडफादर’

एम्स बिलासपुर द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अस्पताल में आने वाले मरीजों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सशक्त बनाने के लिए खाली पड़े पदों को तुरंत भरा जा रहा है।

​सबसे ज्यादा नियुक्तियां एनेस्थीसियोलॉजी विभाग में: सर्जरी और गंभीर मरीजों की देखभाल को बेहतर करने के लिए एनेस्थीसियोलॉजी विभाग में सबसे ज्यादा दो प्रोफेसरों की तैनाती की जा रही है।


जटिल रोगों के लिए विशेषज्ञ:-

इसके अलावा न्यूरोलॉजी (दिमाग रोग), न्यूरोसर्जरी, यूरोलॉजी (किडनी-यूरिन रोग), ऑर्थोपेडिक्स (हड्डी रोग), पीडियाट्रिक सर्जरी (बच्चों की सर्जरी), पल्मोनरी मेडिसिन (फेफड़े के रोग) और रेडियोथेरेपी जैसे कुल 19 विभागों में एक-एक वरिष्ठ प्रोफेसर नियुक्त किए जा रहे हैं।

​विशेषज्ञों का मानना है: इन नियुक्तियों के बाद एम्स बिलासपुर में गंभीर ऑपरेशनों और सुपर-स्पेशियलिटी इलाजों की गति दोगुनी हो जाएगी, जिससे वेटिंग पीरियड (इंतजार का समय) काफी कम हो जाएगा।


हिमाचल समेत 6 राज्यों की ‘लाइफलाइन’ बना बिलासपुर एम्स

​भौगोलिक रूप से केंद्रीय स्थान पर होने के कारण एम्स बिलासपुर आज सिर्फ हिमाचल प्रदेश के मरीजों तक सीमित नहीं रह गया है। हर दिन यहां भारी तादाद में बाहरी राज्यों के मरीज भी पहुंच रहे हैं। इस महा-भर्ती का सीधा लाभ इन राज्यों को मिलेगा:

​हिमाचल प्रदेश (सभी 12 जिले)

​पंजाब

​हरियाणा

​जम्मू-कश्मीर

​उत्तराखंड

​चंडीगढ़


मेडिकल रिसर्च और शिक्षा को भी मिलेगा नया बूस्ट

​वरिष्ठ और अनुभवी डॉक्टरों के आने से न केवल मरीजों का बेहतर इलाज होगा, बल्कि एम्स बिलासपुर में पढ़ रहे एमबीबीएस (MBBS) छात्रों और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों को भी बेहतरीन मेंटरशिप मिलेगी। संस्थान में गंभीर बीमारियों पर होने वाले रिसर्च (शोध कार्य) में भी तेजी आएगी, जिससे बिलासपुर आने वाले समय में देश के टॉप मेडिकल हब्स में मजबूती से अपनी जगह पक्की कर सकेगा।


 

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