लेटस्ट न्यूजहिमाचल न्यूज

हिमाचल के ग्रामीण क्षेत्रों में अब नियम से होंगे निर्माण कार्य: मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने ‘मॉडल प्लान’ को दी हरी झंडी

राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में हुई तीसरी महत्वपूर्ण बैठक; आगामी कैबिनेट बैठक में अंतिम मंजूरी के लिए पेश होगा खाका।

05/06/2026-VIDYA SAGAR

शिमला। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में बेतरतीब और अनियंत्रित निर्माण गतिविधियों पर लगाम लगाने तथा उन्हें सुियोजित ढंग से संचालित करने के लिए गठित मंत्रिमंडलीय उप-समिति ने एक बड़ा कदम उठाया है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में आयोजित उप-समिति की तीसरी महत्वपूर्ण बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों के निर्माण नियमन से जुड़े ‘मॉडल प्लान’ (Model Plan) को सर्वसम्मति से स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।

इस बहुप्रतीक्षित मॉडल प्लान को अब अंतिम नीतिगत मंजूरी के लिए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में होने वाली आगामी मंत्रिमंडल (कैबिनेट) की बैठक में प्रस्तुत किया जाएगा।



त्रिपक्षीय मंत्रियों की मौजूदगी में गंभीर मंथन

सचिवालय में आयोजित इस बैठक में ग्रामीण विकास और शहरी नियोजन के बेहतर समन्वय के लिए राज्य सरकार के तीन प्रमुख कैबिनेट मंत्रियों ने हिस्सा लिया। बैठक में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी के साथ:

  • राजेश धर्माणी: आवास, तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक व औद्योगिक प्रशिक्षण एवं नगर नियोजन (TCP) मंत्री।

  • अनिरुद्ध सिंह: ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री।

इन तीनों विभागों के मंत्रियों की संयुक्त भागीदारी से स्पष्ट है कि सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के प्राकृतिक स्वरूप को बचाते हुए वहां आधुनिक और सुरक्षित बुनियादी ढांचा विकसित करने के लिए एक व्यापक व व्यावहारिक नीति तैयार कर रही है।


क्यों आवश्यक है ग्रामीण क्षेत्रों के लिए मॉडल प्लान?

हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण इलाकों, विशेषकर हाईवे और शहरी सीमाओं से सटे क्षेत्रों में पिछले कुछ वर्षों में व्यावसायिक और आवासीय निर्माण कार्यों में भारी उछाल आया है। टीसीपी (TCP) नियमों के दायरे से बाहर होने के कारण कई जगहों पर अनियंत्रित निर्माण से पर्यावरण और जल निकासी की समस्याएं खड़ी हो रही थीं।

इस मॉडल प्लान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क की चौड़ाई, भवनों की ऊंचाई, सुरक्षा मानकों और पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए निर्माण गतिविधियों को एक व्यवस्थित कानूनी ढांचे के तहत लाना है।



प्रशासनिक स्तर पर विस्तृत समीक्षा

मंत्रिमंडलीय उप-समिति द्वारा प्लान को मंजूरी देने से पहले इसके तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की बारीकी से समीक्षा की गई। इस उच्च स्तरीय बैठक में सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:

  • सी. पालरासू: सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज।

  • हेमिस नेगी: निदेशक, नगर नियोजन विभाग (TCP)।

  • केवल शर्मा: अतिरिक्त निदेशक, पंचायती राज।

बैठक के समापन पर अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को रखने के लिए सभी आवश्यक औपचारिकताएं समय रहते पूरी कर ली जाएं। इस नीति के लागू होने से प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के सुनियोजित विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button