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हिमाचल के युवाओं के लिए वैश्विक मंच: कजाकिस्तान के अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र विजिट पर रवाना होंगे ITI के 30 मेधावी छात्र

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के नेतृत्व में 12 जुलाई को दिल्ली से भरेगा उड़ान; मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू वर्चुअली दिखाएंगे हरी झंडी।

VIDYA SAGAR

शिमला, 10 जुलाई 2026

हिमाचल प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर के व्यावसायिक प्रशिक्षण और आधुनिक औद्योगिक तकनीकों से रूबरू कराने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ी पहल की है। प्रदेश के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) के 30 मेधावी प्रशिक्षुओं का एक प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय एक्सपोज़र विज़िट के तहत कजाकिस्तान की यात्रा पर जा रहा है।

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी के नेतृत्व में यह दल 12 जुलाई को दिल्ली से कजाकिस्तान के लिए रवाना होगा। इस विशेष प्रतिनिधिमंडल में राज्यभर के विभिन्न आईटीआई से चयनित 30 मेधावी छात्र-छात्राएं, तकनीकी शिक्षा निदेशक और 3 संकाय (फैकल्टी) सदस्य शामिल हैं।

मुख्यमंत्री सुक्खू वर्चुअली करेंगे रवाना

तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज शिमला में इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू वर्चुअल माध्यम से इस दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। उन्होंने कहा कि यह वैश्विक अनुभव प्रदेश के युवाओं के कौशल विकास (Skill Development) की दिशा में एक ऐतिहासिक और मील का पत्थर साबित होने वाला कदम है।



प्रतिनिधिमंडल की मुख्य विशेषताएं: एक नज़र में

इस अंतरराष्ट्रीय दौरे के लिए प्रदेश भर से प्रतिभाओं को चुना गया है, जिसमें महिला सशक्तिकरण की झलक भी देखने को मिल रही है:

  • लैंगिक विविधता: दल में कुल 21 पुरुष और 9 महिला प्रशिक्षु शामिल हैं।

  • व्यापक प्रतिनिधित्व: ये छात्र राज्य के 16 राजकीय आईटीआई (Government ITIs) से चुने गए हैं।

  • 10 प्रमुख ट्रेडों का समावेश: इस दल में इलेक्ट्रीशियन, फिटर, ड्राफ्ट्समैन (सिविल), इलेक्ट्रॉनिक्स मैकेनिक, मैकेनिक मोटर व्हीकल, सूचना प्रौद्योगिकी (IT), मशीनिस्ट, सर्वेयर, वायरमैन और टेक्नीशियन पावर इलेक्ट्रॉनिक्स सिस्टम जैसे महत्वपूर्ण ट्रेड के छात्र शामिल हैं।


कजाकिस्तान का अल्माटी शहर ही क्यों चुना गया?

तकनीकी शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि कजाकिस्तान के अल्माटी शहर की भौगोलिक परिस्थितियां काफी हद तक हमारे हिमाचल प्रदेश से मिलती-जुलती हैं। इस एक सप्ताह के दौरे के दौरान छात्र निम्नलिखित प्रमुख औद्योगिक और तकनीकी प्रतिष्ठानों का अनुभव लेंगे:

  1. हुंडई ट्रांसप्लांट (Hyundai Transplant): वाहन निर्माण के इस बड़े प्लांट में छात्र आधुनिक विनिर्माण प्रक्रियाओं (Manufacturing Processes) और वैश्विक गुणवत्ता मानकों को लाइव देखेंगे।

  2. सामल वाटर बॉटलिंग प्लांट: यहाँ छात्र ऑटोमेशन और पैकेजिंग तकनीक को समझेंगे।

  3. शिम्बुलक केबल कार प्रणाली: छात्र विश्व की तीसरी सबसे बड़ी गोंडोला-आधारित केबल कार प्रणाली की इंजीनियरिंग, संचालन और सुरक्षा मानकों पर विशेष व्यावहारिक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे, जो हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य के रोपवे प्रोजेक्ट्स के लिए बेहद उपयोगी सिद्ध होगा।

    “यह कार्यक्रम हिमाचल सरकार की गुणवत्तापूर्ण कौशल विकास, अंतरराष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक स्तर पर सक्षम मानव संसाधन तैयार करने की प्रतिबद्धता का हिस्सा है। इससे राज्य में संचालित ITI प्रणाली की गुणवत्ता में सुधार होगा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी कार्यबल (Competitive Workforce) तैयार करने में मदद मिलेगी।”

    राजेश धर्माणी, तकनीकी शिक्षा मंत्री, हिमाचल प्रदेश


शीर्ष विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक साझेदारी की राह होगी आसान

अपने दौरे के दौरान यह प्रतिनिधिमंडल कजाकिस्तान के तीन शीर्ष शैक्षणिक संस्थानों का भी दौरा करेगा:

  • अल्माटी मैनेजमेंट यूनिवर्सिटी (Almaty Management University)

  • अल्माटी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी (Almaty Technological University)

  • तूरान यूनिवर्सिटी (Turan University)

इन विश्वविद्यालयों में होने वाले विशेष संवाद सत्रों से भविष्य में छात्र आदान-प्रदान कार्यक्रम (Student Exchange Programs), संयुक्त प्रमाणन पाठ्यक्रम (Joint Certification Courses) तथा संकाय क्षमता-निर्माण (Faculty Capacity-Building) जैसे क्षेत्रों में संस्थागत सहभागिता का मार्ग प्रशस्त होगा।

यह एक्सपोज़र विज़िट न केवल प्रशिक्षुओं के दृष्टिकोण को वैश्विक बनाएगी, बल्कि हिमाचल प्रदेश के तकनीकी शिक्षा क्षेत्र के लिए दीर्घकालिक शैक्षणिक और औद्योगिक साझेदारियों के नए द्वार भी खोलेगी।

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