हिमाचल प्रदेश जल शक्ति विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 40 कनिष्ठ अभियंता बने सहायक अभियंता, 12 को मिली SDO की कमान
विभागीय पदोन्नति समिति की सिफारिश पर प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने दी मंजूरी; विभाग की तकनीकी और प्रशासनिक कार्यक्षमता को मिलेगी नई रफ्तार।

VIDYA SAGAR
शिमला, 11 जुलाई 2026:
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हिमाचल प्रदेश के जल शक्ति विभाग में विकास कार्यों को गति देने और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया गया है। विभाग ने तत्परता दिखाते हुए 40 कनिष्ठ अभियंताओं (Junior Engineers) को पदोन्नत कर सहायक अभियंता (Assistant Engineer – Civil) के पद पर तैनात किया है। इसके साथ ही, विभाग की कार्यप्रणाली को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए 12 कनिष्ठ अभियंताओं को उपमंडल अधिकारी (SDO) के पदों पर भी पदोन्नति दी गई है।
विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की सिफारिश पर लगी मुहर
जल शक्ति विभाग के प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि 08 जुलाई, 2026 को विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक में सभी पात्रता मानदंडों को पूरा करने वाले योग्य कनिष्ठ अभियंताओं को सहायक अभियंता (सिविल) के स्वीकृत रिक्त पदों पर पदोन्नत करने की अनुशंसा की गई थी, जिसे अब आधिकारिक मंजूरी दे दी गई है।
पदोन्नति का श्रेणीवार विवरण
प्रधान सचिव ने बताया कि विभाग ने पारदर्शिता और नियमों का पालन करते हुए विभिन्न श्रेणियों से इन पदोन्नतियों को अंतिम रूप दिया है:
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शैक्षणिक योग्यता के आधार पर: पदोन्नत किए गए कुल 40 अधिकारियों में से 22 अधिकारी डिप्लोमा धारक श्रेणी से हैं, जबकि 18 अधिकारी स्नातक (Degree)/AMIE श्रेणी से संबंध रखते हैं।
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वर्गवार वर्गीकरण: सामाजिक संतुलन को ध्यान में रखते हुए की गई इन पदोन्नतियों में सामान्य वर्ग (General) के 21, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 6, अनुसूचित जाति (SC) के 9 और अनुसूचित जनजाति (ST) के 4 अधिकारी शामिल हैं।
इसके अलावा, जो 12 कनिष्ठ अभियंता SDO के पद पर पदोन्नत किए गए हैं, उनकी नियुक्तियां निकट भविष्य में रिक्त होने वाले SDO के पदों के विरुद्ध एडवांस में की गई हैं ताकि फील्ड में काम प्रभावित न हो।
महत्वपूर्ण नोट: विभाग द्वारा स्पष्ट किया गया है कि ये सभी पदोन्नतियां माननीय उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न याचिकाओं पर आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन और उसी के आधार पर प्रभावी होंगी।
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विकास कार्यों और जल प्रबंधन को मिलेगी नई ताकत
डॉ. अभिषेक जैन ने विश्वास जताया कि इन नई पदोन्नतियों से विभाग की प्रशासनिक और तकनीकी कार्यक्षमता में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “जल शक्ति विभाग प्रदेश में पेयजल आपूर्ति, सिंचाई व्यवस्था और जल संसाधनों के विकास, संचालन व रख-रखाव में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अनुभवी तकनीकी अधिकारियों की उपलब्धता से विभिन्न जल परियोजनाओं और विकास कार्यों का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी व समयबद्ध तरीके से हो सकेगा।”
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इस रणनीतिक फैसले से विभाग की संस्थागत क्षमता को और मजबूती मिलेगी, जिससे दूरदराज के क्षेत्रों में रह रहे प्रदेश के नागरिकों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिल सकेंगी।



