हिमाचल में कौशल विकास को रफ्तार: राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल की बैठक में युवाओं के प्रशिक्षण और रोजगार पर मंथन
प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने दिए निर्देश; प्रदेश भर में अप्रेंटिसशिप के अवसरों में वृद्धि और निजी उद्योगों की सक्रिय भागीदारी पर विशेष जोर।

VIDYASAGAR
शिमला, 21 जुलाई2026:
![]()
हिमाचल प्रदेश के युवाओं को आधुनिक उद्योगों की मांग के अनुसार कुशल बनाने, व्यावहारिक प्रशिक्षण देने और रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से शिमला स्थित राज्य सचिवालय में राज्य अप्रेंटिसशिप काउंसिल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक की अध्यक्षता तकनीकी शिक्षा, व्यावसायिक एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग के प्रधान सचिव एवं काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. अभिषेक जैन ने की। इस दौरान प्रशिक्षुता (Apprenticeship) प्रशिक्षण को अधिक व्यापक, प्रभावी और उद्योग-उन्मुख (Industry-Oriented) बनाने पर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
जागरूकता अभियान और निजी उद्योगों का पंजीकरण प्राथमिकता
बैठक में प्रधान सचिव डॉ. अभिषेक जैन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रदेश में अप्रेंटिसों की संख्या और अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि सुनिश्चित की जाए।
“युवाओं को अप्रेंटिसशिप से जोड़ने के लिए राज्य भर में व्यापक जागरूकता अभियान चलाए जाने की आवश्यकता है। आईटीआई, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग संस्थानों, विश्वविद्यालयों और उद्योगों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाए ताकि अधिक से अधिक युवाओं को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।”
— डॉ. अभिषेक जैन, प्रधान सचिव
उन्होंने निजी क्षेत्र के उद्योगों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाने और अधिक से अधिक व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप पोर्टल (NAP) पर पंजीकृत करने पर विशेष बल दिया।
![]()
बैठक की मुख्य बातें और महत्वपूर्ण आंकड़े:
-
156 अप्रेंटिसशिप मेलों का सफल आयोजन: प्रदेश में युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए जुलाई 2026 तक 156 अप्रेंटिसशिप मेलों का आयोजन किया जा चुका है। भारत सरकार के दिशा-निर्देशानुसार अब हर माह नियमित मेले आयोजित किए जा रहे हैं।
-
संस्थानों में प्रशिक्षण: वर्तमान में तकनीकी शिक्षा विभाग के विभिन्न संस्थानों के माध्यम से 98 प्रशिक्षु अप्रेंटिसशिप का लाभ उठा रहे हैं, जिसे भविष्य में और बढ़ाने का लक्ष्य है।
-
सरकारी विभागों की भागीदारी: सरकारी विभागों और सार्वजनिक उपक्रमों (PSUs) को भी पोर्टल पर पंजीकृत होकर युवाओं के लिए अधिक से अधिक अप्रेंटिसशिप सीटें सृजित करने के निर्देश दिए गए।
-
स्टाइपेंड व बजट का प्रावधान: सरकारी विभागों में तैनात अप्रेंटिसों के समयबद्ध स्टाइपेंड भुगतान के लिए पर्याप्त बजटीय प्रावधान सुनिश्चित करने पर सहमति बनी।
![]()
समन्वित प्रयासों से मजबूत होगा कौशल विकास
बैठक में विभिन्न सरकारी विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं काउंसिल के प्रतिनिधि मौजूद रहे। काउंसिल ने इस बात पर जोर दिया कि अप्रेंटिसशिप को राज्य में कौशल विकास और रोजगार सृजन का सबसे सशक्त माध्यम बनाया जाएगा, जिससे प्रदेश का युवा आत्मनिर्भर बनने की दिशा में कदम बढ़ा सके।



