पंचायत चुनाव में फॉरेस्ट राइट्स एक्ट के लंबित दावेदारों को मिली बड़ी राहत
सरकार कर रही नियमों में संशोधन की तैयारी, निर्विरोध पंचायतों के इंसेंटिव बढ़ाने पर भी मंथन

शिमला: 21/04/2026
हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सामने आया है। फॉरेस्ट राइट्स एक्ट (FRA) के तहत जिन लोगों के दावे अभी लंबित हैं, उन्हें भी पंचायत चुनाव लड़ने की अनुमति देने की तैयारी की जा रही है। इससे प्रदेश के हजारों ग्रामीणों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो लंबे समय से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
📌 क्या है मामला?
पंचायती राज विभाग के अनुसार, कई ऐसे आवेदक हैं जिन्होंने फॉरेस्ट राइट्स एक्ट, 2006 के तहत अपने दावे प्रस्तुत किए हैं, लेकिन उनका निपटारा अभी तक नहीं हो पाया है। पहले इन लंबित मामलों के कारण उन्हें चुनाव लड़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
अब सरकार इस स्थिति को ध्यान में रखते हुए नियमों में संशोधन करने पर विचार कर रही है, ताकि ऐसे पात्र उम्मीदवार चुनाव प्रक्रिया से बाहर न हों।
⚖️ नियमों में बदलाव की तैयारी
पंचायती राज अधिनियम, 1994 की संबंधित धाराओं में बदलाव कर ऐसे प्रावधान लाने की योजना है, जिससे लंबित दावों वाले लोग भी नामांकन दाखिल कर सकें। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि नामांकन प्रक्रिया के दौरान इन मामलों की विशेष जांच की जाए और पात्रता के आधार पर निर्णय लिया जाए।
💰 निर्विरोध पंचायतों के लिए बढ़ेगा इंसेंटिव
सरकार पंचायत चुनावों में निर्विरोध जीत को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) बढ़ाने पर भी विचार कर रही है। बताया जा रहा है कि 2015 के बाद इस राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है, ऐसे में इसे बढ़ाने की मांग लंबे समय से उठ रही थी।
इस कदम का उद्देश्य चुनावी खर्च को कम करना और गांवों में आपसी सहमति से नेतृत्व चुनने की परंपरा को मजबूत करना है।
🌍 क्या होगा असर?
इस निर्णय से पंचायत चुनावों में भागीदारी बढ़ने की संभावना है। खासकर ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के लोग, जिनके दावे अभी लंबित हैं, अब लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।
निष्कर्ष:फॉरेस्ट राइट्स एक्ट के लंबित दावेदारों को चुनाव लड़ने की अनुमति देने का यह प्रस्ताव लोकतंत्र को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। साथ ही, निर्विरोध पंचायतों के लिए इंसेंटिव बढ़ाने की पहल भी स्थानीय शासन व्यवस्था को सशक्त बनाने में मददगार साबित हो सकती है।



