लेटस्ट न्यूज

भाषाई और सांस्कृतिक एकता का नया अध्याय: जम्मू में ‘डोगरी-पंजाबी शब्दकोश’ का भव्य विमोचन

"साहित्य समाज का सच्चा दर्पण, युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना बेहद जरूरी" — राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता

19/05/2026-VIDYA SAGAR

जम्मू। जम्मू-कश्मीर की समृद्ध भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। जम्मू स्थित प्रसिद्ध के.एल. सहगल हॉल में आयोजित एक गरिमामयी समारोह के दौरान, राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने स्वर्गीय चंदन नेगी द्वारा लिखित ‘डोगरी – पंजाबी शब्दकोश’ का विधिवत विमोचन किया।

यह प्रतिष्ठित कार्यक्रम पंजाबी लेखक सभा और जम्मू-कश्मीर कला, संस्कृति एवं भाषा अकादमी (JKAACL) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया था, जिसमें क्षेत्र के शीर्ष साहित्यकारों और विचारकों ने हिस्सा लिया।



“संवाद का माध्यम ही नहीं, हमारी पहचान हैं भाषाएं”

विमोचन के उपरांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने भारत की विविधता और भाषाई विरासत को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:-“भाषाएं केवल आपसी संवाद या बातचीत का जरिया नहीं हैं, बल्कि यह हमारी संस्कृति, हमारे गौरवशाली इतिहास और सदियों पुरानी परंपराओं की वास्तविक पहचान हैं। साहित्य हमेशा से समाज को सही दिशा दिखाने और सकारात्मक बदलाव लाने का सबसे सशक्त माध्यम रहा है।”

राज्यपाल ने पंजाबी साहित्य की गहराई की सराहना करते हुए कहा कि यह साहित्य हमेशा से प्रेम, आपसी भाईचारे, अदम्य साहस और मानवता जैसे महान मानवीय मूल्यों को बढ़ावा देता आया है।


डिजिटल युग में भी कम नहीं हुआ किताबों का महत्व

आज के तकनीकी और डिजिटल दौर का जिक्र करते हुए राज्यपाल ने एक बेहद महत्वपूर्ण बात कही। उन्होंने साफ किया कि भले ही आज स्क्रीन का चलन बढ़ गया हो, लेकिन पुस्तकों का महत्व और स्थान कभी कम नहीं हो सकता। किताबें मनुष्य के भीतर ज्ञान, संवेदनशीलता, तार्किक सोच और नैतिक मूल्यों को जीवित रखती हैं। उन्होंने आज की युवा पीढ़ी से विशेष आह्वान किया कि वे अपनी भाषा, साहित्य और सांस्कृतिक जड़ों से मजबूती से जुड़े रहें, क्योंकि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए अपनी विरासत की रक्षा करना बेहद जरूरी है।


दिवंगत लेखिका को दी श्रद्धांजलि, साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियां रहीं मौजूद

राज्यपाल ने इस महत्वपूर्ण शब्दकोश को तैयार करने के लिए स्वर्गीय चंदन नेगी के अथक प्रयासों को याद किया और उनके परिजनों को बधाई दी। इसके साथ ही उन्होंने इस अनूठे प्रयास को धरातल पर लाने के लिए आयोजकों की भी पीठ थपथपाई।


समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य विभूतियां:

  • प्रो. ललित मगोत्रा (अध्यक्ष, डोगरी संस्था जम्मू एवं पद्मश्री पुरस्कृत)

  • खालिद हुसैन (प्रसिद्ध साहित्यकार एवं साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित)

  • डॉ. बलजीत सिंह रैणा (अध्यक्ष, पंजाबी लेखक सभा जम्मू)

  • सुरेन्द्र नीर (प्रसिद्ध पंजाबी उपन्यासकार)

  • डॉ. उपिंदर सिंह घई, अरविंदर घई और मानवी चटवा सहित साहित्य जगत के तमाम लेखक, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button