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राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने ‘एनसीसी माउंट दियो टिब्बा अभियान-2026’ को दिखाई हरी झंडी

6,001 मीटर ऊंचे शिखर को फतह करने निकला देश के जांबाज कैडेट्स का दल; राज्यपाल बोले— "साहसी और अनुशासित युवा ही विकसित भारत की सशक्त नींव हैं।"

02/6/2026-VIDYA SAGAR

शिमला: हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने आज ‘लोक भवन’ से राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) के महत्वाकांक्षी ‘माउंट दियो टिब्बा अभियान-2026’ को औपचारिक रूप से झंडी दिखाकर रवाना किया। यह भव्य समारोह हिमालय की दुर्गम और चुनौतीपूर्ण पिचों पर तिरंगा फहराने जा रहे देश भर के चुनिंदा कैडेट्स और उनके सहयोगी स्टाफ के सम्मान में आयोजित किया गया था।

इस अवसर पर कैडेट्स के जोश को बढ़ाते हुए राज्यपाल ने उन्हें साहस, अनुशासन और टीम भावना की उत्कृष्ट परंपराओं को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।



युवाओं में आत्मविश्वास जगाती हैं साहसिक गतिविधियां

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल कविंद्र गुप्ता ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (NCC) की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं में चरित्र निर्माण, नेतृत्व क्षमता, देशभक्ति और कड़े अनुशासन को फूंकने का एक सशक्त प्रतीक है।



“साहसिक और कठिन अभियान युवाओं में आत्मविश्वास, सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प की भावना विकसित करते हैं। इस अभियान में भाग ले रहे कैडेट्स देश की युवा शक्ति की अपार क्षमता और सामर्थ्य का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। विपरीत परिस्थितियों से जूझने का यही जज्बा उन्हें जीवन में सफल बनाएगा।” > — कविंद्र गुप्ता, राज्यपाल

राज्यपाल ने आगे कहा कि ऐसे कठिन अभियानों से लौटने के बाद ये युवा समाज में फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्रसेवा के सच्चे ‘प्रेरक दूत’ बनकर उभरते हैं।



माउंट दियो टिब्बा अभियान: कठिन चुनौतियां और तैयारी

6,001 मीटर की ऊंचाई पर स्थित माउंट दियो टिब्बा पर फतह हासिल करना कोई आसान काम नहीं है। यह एनसीसी के सबसे प्रमुख और प्रतिष्ठित पर्वतारोहण अभियानों में से एक माना जाता है।


अभियान की मुख्य विशेषताएं और चुनौतियां:

मुख्य बिंदु विवरण
कुल ऊंचाई 6,001 मीटर (उच्च हिमालयी क्षेत्र)
टीम का चयन देश भर के हजारों कैडेट्स में से बेहद कठिन शारीरिक और मानसिक चयन प्रक्रिया के बाद चुने गए जांबाज।
कठिन प्रशिक्षण चयनित कैडेट्स को अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान (ABVIMAS), सोलंग वैली में विशेष ट्रेनिंग दी गई है।
अभियान के मुख्य मार्ग की चुनौतियां खतरनाक ग्लेशियर पार करना, हिमकला (Snow Craft) का प्रदर्शन और शून्य से नीचे के तापमान में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जीवन-निर्वाह (Survival)।
नेतृत्व इस पूरे चुनौतीपूर्ण अभियान की कमान विंग कमांडर कुनाल शर्मा संभाल रहे हैं।

ब्यूरोक्रेसी और सैन्य अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह की शुरुआत में एनसीसी के शीर्ष अधिकारियों ने राज्यपाल को इस पूरे अभियान के रूट मैप, सुरक्षा मानकों और कैडेट्स की तैयारियों के बारे में एक विस्तृत ब्रीफिंग दी।



इस ऐतिहासिक रवानगी के अवसर पर एनसीसी महानिदेशालय के अतिरिक्त महानिदेशक मेजर जनरल विकास भारद्वाज, उप महानिदेशक ब्रिगेडियर राजीव कपूर, राज्यपाल के सचिव संदीप भारद्वाज, ग्रुप कमांडर कर्नल आदित्य वर्मा सहित कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में कैडेट्स के सुरक्षित और सफल अभियान के लिए शुभकामनाएं दीं।


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