हिमाचल के विद्यार्थियों के लिए बाहरा विश्वविद्यालय की बड़ी पहल
सोलन में 'शिक्षा सहयोगी सम्मेलन' का सफल आयोजन

12/05/2026-VIDYA SAGAR
सोलन, हिमाचल प्रदेश
शिक्षा के क्षेत्र में अपनी जड़ों और प्रदेश के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए, बाहरा विश्वविद्यालय ने सोलन में एक भव्य ‘शिक्षा सहयोगी सम्मेलन’ (Education Partners Conclave) का आयोजन किया। देशभर में आयोजित सफल सम्मेलनों की श्रृंखला के बाद, हिमाचल में आयोजित यह कार्यक्रम विश्वविद्यालय के लिए विशेष महत्व रखता है।

प्रमुख उद्देश्य: ‘हर घर तक पहुँचे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा’
इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य हिमाचल प्रदेश के दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले योग्य विद्यार्थियों तक उच्च शिक्षा के विश्वस्तरीय अवसर पहुँचाना था। कार्यक्रम में प्रदेश भर के प्रमुख शिक्षा सलाहकारों, प्रवेश सहयोगियों और एजुकेशन पार्टनर्स ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

नेतृत्व और विजन: चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा का संबोधन
इस अवसर पर रयात बाहरा ग्रुप के चेयरमैन सरदार गुरविंदर सिंह बाहरा विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने शिक्षा सहयोगियों के साथ सीधा संवाद करते हुए कहा:
“शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है। बाहरा विश्वविद्यालय अपने प्रदेश के युवाओं के सपनों को साकार करने के लिए पूरी तरह समर्पित है।”
दुर्गम क्षेत्रों तक मार्गदर्शन की पहुँच
सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्य में शिक्षा सहयोगियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। ये सहयोगी उन दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुँचते हैं जहाँ सूचना का अभाव होता है, और विद्यार्थियों को सही करियर मार्गदर्शन प्रदान कर उनके भविष्य के मार्गदर्शक बनते हैं।

पारदर्शिता और संवाद सत्र
कार्यक्रम के दौरान एक ‘खुला संवाद सत्र’ आयोजित किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने निम्नलिखित विषयों पर विस्तार से जानकारी साझा की:
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नवीनतम पाठ्यक्रम और आधुनिक सुविधाएँ
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छात्रवृत्ति योजनाएँ और आर्थिक सहायता
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शानदार प्लेसमेंट रिकॉर्ड और रोजगार के अवसर
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परिसर जीवन (Campus Life) और सुरक्षा
वाइस प्रेसीडेंट का संदेश
बाहरा विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसीडेंट विकास बत्रा ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा, “भौगोलिक परिस्थितियाँ कभी भी किसी विद्यार्थी की महत्वाकांक्षा के मार्ग में बाधा नहीं बननी चाहिए। हमारे सहयोगी उन दुर्गम क्षेत्रों में हमारी दृष्टि को ईमानदारी से पहुँचा रहे हैं। आज का यह सम्मेलन इसी विश्वास और साझेदारी का उत्सव है।”
निष्कर्ष
यह सम्मेलन न केवल विश्वविद्यालय की सफलता का प्रतीक था, बल्कि हिमाचल प्रदेश की युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ाया गया एक ठोस कदम भी रहा। बाहरा विश्वविद्यालय ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि वह अपने प्रदेश के विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक विश्वसनीय साथी है।



