हिमाचल को ‘स्किल हब’ बनाने की तैयारी तेज: युवाओं को मिलेगा रोजगार और स्टार्टअप का नया मंच

VIDYA SAGAR
शिमला | 19 मई 2026
हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य को तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने आज विभागीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा कि प्रदेश को “स्किल हब” के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि युवाओं को आधुनिक तकनीक, स्टार्टअप और उद्यमशीलता से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

बैठक में तकनीकी शिक्षा विभाग की योजनाओं, आईटीआई संस्थानों की प्रगति, डिजिटल शिक्षा और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तृत चर्चा हुई।

युवाओं को मिलेगा स्टार्टअप और उद्योगों का सीधा मार्गदर्शन
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के नवोन्मेषी विचारों को मंच देने के लिए विशेष पहल कर रही है। प्रदेश में सूक्ष्म, लघु उद्योगों और स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि:
- विभिन्न तकनीकी संस्थानों के प्रशिक्षुओं को उद्यमशीलता के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा
- उद्योग विभाग के 120 विशेषज्ञ युवाओं को मार्गदर्शन देंगे
- AI और सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण से सॉफ्ट स्किल्स को निखारा जाएगा
- युवाओं को भविष्य के रोजगार अवसरों के अनुरूप तैयार किया जाएगा
राजेश धर्माणी ने स्पष्ट कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल नौकरी उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि युवाओं को “रोजगार प्रदाता” बनाना है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को तकनीक से जोड़ेगी सरकार
प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास और आधुनिक तकनीक के समन्वय पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मंत्री ने कहा कि:
- बागवानी
- प्राकृतिक खेती
- डेयरी तकनीक
जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए तकनीकी संस्थानों में इन विषयों को शामिल किया जा रहा है।
इसके अलावा कृषि विज्ञान केंद्रों और कृषि महाविद्यालयों के साथ समन्वय स्थापित कर विद्यार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण देने की योजना भी तैयार की जा रही है।
आईटीआई मंडी बना मिसाल
बैठक के दौरान मंत्री ने आईटीआई मंडी के प्रशिक्षुओं के कार्य की सराहना की। नगर निगम मंडी और आईटीआई मंडी के बीच हुए समझौते के तहत:
- 496 स्ट्रीट लाइट चरणबद्ध तरीके से उपलब्ध करवाई गईं
- शहर की लंबे समय से चली आ रही स्ट्रीट लाइट समस्या का समाधान हुआ
- प्रशिक्षुओं को व्यवहारिक ज्ञान और तकनीकी अनुभव मिला
राजेश धर्माणी ने कहा कि इस प्रकार की पहल भविष्य में प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी लागू की जाएगी।
प्रदेश में खुलेगी स्किल अकादमी और डिजिटल यूनिवर्सिटी
तकनीकी शिक्षा मंत्री ने घोषणा की कि:
- हिमाचल में आधुनिक “स्किल अकादमी” स्थापित की जाएगी
- डिजिटल यूनिवर्सिटी की स्थापना पर कार्य जारी है
- तकनीकी संस्थानों की ग्रेडिंग की जा रही है
- भर्ती परीक्षाओं के लिए ऑनलाइन एग्जाम सिस्टम विकसित किया जाएगा
उन्होंने हिमाचल प्रदेश तकनीकी शिक्षा बोर्ड को डिजिटल परीक्षा प्रणाली विकसित करने के निर्देश भी दिए।
पर्यावरण संरक्षण के साथ होगा आधुनिक शहरी विकास
बैठक के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभिन्न तकनीकी संस्थानों और NIT हमीरपुर के प्रतिनिधियों से भी चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि:
- शिमला, कांगड़ा और कुल्लू के लिए तकनीकी संस्थान क्षेत्रीय कार्य योजनाएं तैयार करेंगे
- पर्यावरण संरक्षण को केंद्र में रखकर सुनियोजित शहरीकरण को बढ़ावा दिया जाएगा
- विद्यार्थियों की भागीदारी से तकनीकी और व्यवहारिक परियोजनाएं विकसित की जाएंगी
उन्होंने कहा कि हिमाचल की भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आधुनिक और टिकाऊ विकास मॉडल तैयार किए जाएंगे।
बैठक में रहे मौजूद
बैठक में:
- सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन
- निदेशक तकनीकी शिक्षा रोहित राठौर
- निदेशक टीसीपी हेमिस नेगी
- विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।



