मुख्यमंत्री की अपील: ‘डिजिटल जनगणना’ में बढ़-चढ़कर भाग लें प्रदेशवासी, 1 जून से शुरू होगा ‘स्वगणना’ का विकल्प
हिमाचल प्रदेश में दो चरणों में होगी जनगणना, पहली बार मोबाइल ऐप के जरिए डिजिटल मोड में दर्ज होगा डेटा

31/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने प्रदेशवासियों से राष्ट्रीय महत्व के कार्य ‘जनगणना’ में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने निदेशालय जनगणना द्वारा नागरिकों को दिए गए ‘स्वगणना’ (Self-Enumeration) विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करने की अपील की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आम नागरिक 1 जून से 15 जून, 2026 तक स्वगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्वयं अपनी और अपने परिवार की जानकारी सुरक्षित रूप से दर्ज करवा सकते हैं।
विकास और नीतियों की रीढ़ है जनगणना
ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने जनगणना के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:-“जनगणना हमारे लोकतंत्र और विकास की रीढ़ है। यह एक ऐसा महत्वपूर्ण माध्यम है, जिसके द्वारा सरकार को जनसंख्या, परिवारों की स्थिति, आवास, संसाधनों और नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की सटीक जानकारी प्राप्त होती है। यही आंकड़े भविष्य की कल्याणकारी योजनाओं और नीतियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।”
हिमाचल में जनगणना का पूरा शेड्यूल (2026-2027)
हिमाचल प्रदेश में यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल मोड में होगी, जिसमें प्रगणक (Enumerators) और पर्यवेक्षक (Supervisors) मोबाइल ऐप का इस्तेमाल कर डेटा इकट्ठा करेंगे। प्रदेश में यह कार्य दो चरणों में पूरा किया जाएगा:
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प्रथम चरण (मकान सूचीकरण): 16 जून से 15 जुलाई, 2026 के बीच मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का कार्य होगा।
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द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना – जनजातीय/हिमाच्छादित क्षेत्र): 11 सितंबर से 30 सितंबर, 2026 के मध्य।
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द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना – शेष क्षेत्र): 9 फरवरी, 2027 से 28 फरवरी, 2027 तक।
सटीक और सही जानकारी देने का आग्रह
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक और पर्यवेक्षक उनके घर आएं, तो उन्हें पूरी तरह सहयोग करें और बिल्कुल सही व सटीक जानकारी दें। उन्होंने अधिकारियों को भी इस डिजिटल प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।



