जवानी में दी परीक्षा, बुढ़ापे में मिला नौकरी का नियुक्ति पत्र
केरल के अब्दुल मजीद को 19 साल बाद मिली सरकारी नौकरी की चिट्ठी, सिस्टम की देरी ने अधूरा छोड़ा सपना

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केरल के मलप्पुरम से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति को अपनी सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र उस समय मिला, जब उनकी उम्र 61 वर्ष हो चुकी है। अब्दुल मजीद नाम के इस व्यक्ति ने वर्ष 2005 में भर्ती परीक्षा दी थी, लेकिन नियुक्ति प्रक्रिया में हुई लंबी देरी के कारण उन्हें लगभग 19 साल बाद यह पत्र प्राप्त हुआ।
अब्दुल मजीद ने युवावस्था में सरकारी नौकरी पाने का सपना देखा था और इसके लिए उन्होंने कड़ी मेहनत कर परीक्षा भी पास की। हालांकि, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में देरी और अन्य कारणों से उनका चयन होने के बावजूद उन्हें समय पर नियुक्ति नहीं मिल पाई। जब आखिरकार नियुक्ति पत्र उनके हाथ में पहुंचा, तब तक वे उम्र की उस सीमा को पार कर चुके थे, जहां नौकरी शुरू करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं रह जाता। इस घटना ने सरकारी प्रक्रियाओं की धीमी गति और सिस्टम की खामियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
यह मामला न केवल एक व्यक्ति के अधूरे सपने की कहानी है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि समय पर निर्णय और कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण होती है। अगर प्रक्रिया समय पर पूरी होती, तो शायद अब्दुल मजीद आज एक सफल सरकारी कर्मचारी के रूप में सेवा दे रहे होते। यह घटना सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रही है और लोग प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहे हैं, ताकि भविष्य में किसी और के साथ ऐसा न हो।
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