निकाय चुनाव परिणाम: कांगड़ा और पालमपुर में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का एकतरफा जलवा!
हिमाचल के 51 शहरी स्थानीय निकायों के नतीजे आने शुरू; कांगड़ा नगर परिषद के सभी 9 वार्डों पर कांग्रेस का कब्ज़ा, विपक्ष पस्त

18/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला/कांगड़ा। हिमाचल प्रदेश में सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे 51 शहरी स्थानीय निकायों और नगर निगमों के चुनाव परिणामों ने राज्य की राजनीतिक हलचल को चरम पर पहुंचा दिया है। रविवार को हुए भारी मतदान के बाद आज सुबह जैसे ही मतों की गिनती शुरू हुई, शुरुआती रुझानों और नतीजों में सत्ताधारी कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने विपक्ष को पछाड़ते हुए एकतरफा बढ़त बना ली है।
इस चुनाव में सबसे बड़ा उलटफेर और धमाकेदार नतीजा कांगड़ा से सामने आया है, जहां स्थानीय जनता ने सरकार की नीतियों पर मुहर लगाते हुए विपक्ष का पूरी तरह सूपड़ा साफ कर दिया है।
कांगड़ा में ‘क्लीन स्वीप’: सभी 9 वार्डों में कांग्रेस का परचम
कांगड़ा नगर परिषद के चुनाव नतीजों ने राजनीतिक विश्लेषकों को भी हैरान कर दिया है। यहाँ के सभी 9 वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए क्लीन स्वीप किया है। रविवार को कांगड़ा में रिकॉर्ड 75.47% मतदान हुआ था, जिससे साफ संकेत मिल रहे थे कि जनता किसी बड़े बदलाव या स्पष्ट जनादेश के मूड में है। इस बम्पर जीत के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल है, और ढोल-नगाड़ों के साथ विजय जुलूस निकाले जा रहे हैं।
पालमपुर नगर निगम में भी दिलचस्प रहे परिणाम
कांगड़ा के साथ-साथ पालमपुर नगर निगम चुनाव के परिणाम भी बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाले रहे हैं। पालमपुर में 68.97% वोटिंग दर्ज की गई थी। यहाँ की जागरूक जनता ने स्थानीय मुद्दों को प्राथमिकता देते हुए मतदान किया, जिसके बाद आए परिणामों ने कांग्रेस समर्थित खेमे को भारी मजबूती प्रदान की है। पालमपुर के नतीजे बताते हैं कि शहरी मतदाता सरकार के विकास कार्यों के साथ मजबूती से खड़ा है।
सुक्खू सरकार के लिए ‘लिटमस टेस्ट’
प्रदेश के चार बड़े और प्रमुख नगर निगमों—धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन—सहित 51 निकायों के इन चुनावी नतीजों को मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू की सरकार के लिए एक बड़े ‘लिटमस टेस्ट’ (Litmus Test) के रूप में देखा जा रहा था। बजट सत्र और विभिन्न गारंटियों को लागू किए जाने के बाद यह पहला मौका था जब शहरी मतदाताओं ने सीधे तौर पर वोट डाला। शुरुआती नतीजों से साफ है कि कांग्रेस सरकार एंटी-इन्कंबेंसी (सत्ता विरोधी लहर) को मात देने में पूरी तरह सफल रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है: “कांगड़ा और पालमपुर के ये नतीजे न केवल कांग्रेस का मनोबल बढ़ाएंगे, बल्कि यह भी साबित करते हैं कि जमीनी स्तर पर सरकार की नीतियां और हाल ही में घोषित की गई विकास योजनाएं सीधे जनता के दिलों को छू रही हैं। विपक्ष के लिए ये नतीजे आत्ममंथन करने वाले हैं।”
फिलहाल अन्य नगर निकायों और वार्डों के परिणाम भी धीरे-धीरे स्पष्ट हो रहे हैं, लेकिन शुरुआती बढ़त ने यह साफ कर दिया है कि हिमाचल के शहरी निकायों में इस बार ‘हाथ’ का ही जादू चला है।



