पलटवार: कांग्रेस का दावा—”सरकार ने पूरी कीं सभी 10 गारंटियाँ, विपक्ष बताए कौन सा वादा रहा अधूरा”
स्वास्थ्य मंत्री शांडिल और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह का नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा हमला; गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

18/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश में गारंटियों को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग एक बार फिर तेज हो गई है। प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. (कर्नल) धनी राम शांडिल और पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर के बयानों पर कड़ा पलटवार किया है। दोनों कैबिनेट मंत्रियों ने संयुक्त बयान जारी कर दावा किया है कि वर्तमान राज्य सरकार ने जनता से की गई अपनी सभी 10 गारंटियों को पूरा कर दिया है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष को चुनौती देते हुए पूछा कि विपक्ष खुले मंच पर बताए कि सरकार ने कौन सी गारंटी अधूरी छोड़ी है।
मंत्रियों ने कहा कि कांग्रेस पार्टी जो कहती है, उसे धरातल पर सच करके दिखाती है और जयराम ठाकुर केवल राजनीतिक लाभ के लिए भ्रामक बयानबाजी कर रहे हैं।
कर्मचारियों को OPS और महिलाओं को ₹1500 सम्मान निधि
कैबिनेट मंत्रियों ने सरकार के ऐतिहासिक फैसलों को गिनाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में पहली ही कैबिनेट बैठक में 1.36 लाख सरकारी कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल कर पहली गारंटी पूरी की गई। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए जयराम ठाकुर ने यही पेंशन मांगने पर कर्मचारियों को चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी।
इसके अलावा, ‘इंदिरा गांधी प्यारी बहना सुख-सम्मान निधि योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को चरणबद्ध तरीके से 1500 रुपये प्रति माह दिए जा रहे हैं। प्रथम चरण में 35,687 महिलाओं को ₹29.12 करोड़ जारी किए जा चुके हैं, जबकि दूसरे चरण में एक लाख अति गरीब परिवारों की महिलाओं को इस दायरे में लाया जा रहा है। युवाओं के लिए ₹680 करोड़ की ‘राजीव गांधी स्वरोजगार स्टार्ट-अप योजना’ भी जमीन पर उतर चुकी है।
कृषि, बागवानी और दूध के समर्थन मूल्य में ऐतिहासिक वृद्धि
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों का ब्यौरा देते हुए मंत्रियों ने बताया कि राज्य में किसान आयोग का गठन किया जा चुका है। प्राकृतिक खेती और पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए फसलों और दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में भारी बढ़ोतरी की गई है:
इसके साथ ही, पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए ₹300 प्रति क्विंटल की दर से जैविक खाद और वर्मी कम्पोस्ट की खरीद भी शुरू कर दी गई है। बागवानों के लिए देश की पहली ‘हिमाचल प्रदेश बागवानी नीति’ और यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू की गई है, जिससे सेब उत्पादकों को सीधे तौर पर फायदा मिल रहा है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़े सुधार: “सरकारी स्कूलों में पहली कक्षा से इंग्लिश मीडियम पढ़ाई और हर विधानसभा में राजीव गांधी डे-बोर्डिंग व 156 सीबीएसई स्कूल शुरू किए गए हैं। स्वास्थ्य क्षेत्र में पहली बार रोबोटिक सर्जरी, पेट स्कैन और थ्री टेस्ला एमआरआई जैसी आधुनिक मशीनें स्थापित की गई हैं।”
रोजगार और 300 यूनिट मुफ्त बिजली का तोहफा
विपक्ष के बेरोजगारी के आरोपों को खारिज करते हुए मंत्रियों ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी क्षेत्र में 23,200 से अधिक युवाओं को नौकरियां दी गई हैं और हजारों रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया जारी है। वहीं, निजी क्षेत्र के माध्यम से भी 51,400 युवाओं को रोजगार से जोड़ा गया है।
अंत में उन्होंने कहा कि ‘अपना परिवार-सुखी परिवार’ योजना के तहत प्रदेश के एक लाख अति गरीब परिवारों को हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली देने का फैसला यह साबित करता है कि यह सरकार आम आदमी और गरीबों की अपनी सरकार है।



