हिमाचल शिक्षा क्रांति: प्रदेश के 156 सीबीएसई स्कूलों में मिलेंगे कला, विज्ञान और वाणिज्य के विकल्प
मुख्यमंत्री सुक्खू का बड़ा फैसला; 18 सरकारी स्कूलों में तीनों संकाय शुरू करने की अधिसूचना जल्द होगी जारी

18/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश की सुखविन्द्र सिंह सुक्खू सरकार राज्य के सरकारी स्कूलों में गुणात्मक शिक्षा और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू के कड़े निर्देशों के बाद शिक्षा विभाग अब राज्य के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्ध सभी 156 नए विद्यालयों में कला (Arts), विज्ञान (Science) और वाणिज्य (Commerce) तीनों संकाय शुरू करने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है।
हाल ही में मुख्यमंत्री द्वारा मांगी गई एक विस्तृत समीक्षा रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि इन 156 सीबीएसई स्कूलों में से 18 विद्यालयों में अभी तीनों संकायों की सुविधा उपलब्ध नहीं है। मुख्यमंत्री ने इस पर तुरंत कड़ा संज्ञान लेते हुए विभाग को निर्देश दिए कि विद्यार्थियों के भविष्य से कोई समझौता न किया जाए और सभी चिन्हित स्कूलों में इसी शैक्षणिक सत्र से तीनों संकायों के विकल्प अनिवार्य रूप से उपलब्ध करवाए जाएं।
इन 18 स्कूलों में शुरू होंगे नए संकाय
शिक्षा विभाग द्वारा चिन्हित किए गए इन 18 स्कूलों में अब तक वाणिज्य या विज्ञान संकाय की सुविधा नहीं थी, जिसके कारण स्थानीय छात्रों को मजबूरन दूरदराज के क्षेत्रों या निजी स्कूलों का रुख करना पड़ता था। अब इसी सत्र से इन स्कूलों की तस्वीर बदलने जा रही है:
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कांगड़ा व हमीरपुर: चढ़ियार, कुंसल, अपर लंबागांव, बाड़ा, बड़सर, बतरान, सोहारी, लोहारली, सलेटी।
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चम्बा व कुल्लू: किहाड़, सराहन।
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शिमला व सिरमौर: बलदेयां, सैंज, ननखड़ी, कफोटा।
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अन्य क्षेत्र: कोलनी ढलवान, निचार और बधेड़ा।
मुख्यमंत्री का विज़न:
“इस पहल का मुख्य उद्देश्य विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को उनके घर के नजदीक ही गुणवत्तापूर्ण और व्यापक शिक्षा के अवसर प्रदान करना है। हमारी सरकार हिमाचल के हर बच्चे को वैश्विक स्तर की शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।”
शिक्षकों और स्टाफ की तैनाती के सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री सुक्खू ने शिक्षा विभाग को केवल संकाय शुरू करने तक ही सीमित न रहने की हिदायत दी है। उन्होंने साफ तौर पर निर्देश दिए हैं कि इन सभी 156 संस्थानों में आवश्यक शिक्षकों (Post Graduate Teachers) और गैर-शिक्षक कर्मचारियों की उपलब्धता तुरंत सुनिश्चित की जाए। सरकार का लक्ष्य है कि संकाय शुरू होने के साथ ही छात्रों को बिना किसी रुकावट के बेहतरीन और प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक माहौल मिल सके।
सीबीएसई पैटर्न को मिल रही है बेहतरीन प्रतिक्रिया
राज्य सरकार द्वारा 156 सरकारी स्कूलों को सीबीएसई पैटर्न के तहत संचालित करने के फैसले का जमीन पर बड़ा असर देखने को मिल रहा है। शिक्षा विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, इन स्कूलों में छात्र नामांकन (Student Enrollment) में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
यह सीबीएसई स्कूल न केवल किताबी ज्ञान, बल्कि विद्यार्थियों के समग्र विकास (Holistic Development) पर ध्यान केंद्रित करेंगे। नए ढांचे के तहत पढ़ाई के साथ-साथ खेल, संगीत, कोडिंग और कला जैसी सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों (Co-curricular activities) पर भी समान रूप से बल दिया जाएगा, ताकि सरकारी स्कूलों के बच्चे हर क्षेत्र में अग्रणी रह सकें। इस संबंध में विस्तृत और आधिकारिक अधिसूचना जल्द ही जारी होने वाली है।



