हिमाचल में मौसम का यू-टर्न: भीषण गर्मी के बीच पहाड़ों पर बदला मिजाज, 5 दिनों का ‘येलो अलर्ट’ जारी
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से 19 से 23 मई तक भारी बारिश और अंधड़ की चेतावनी; मैदानी इलाकों को मिलेगी राहत, बागवानों की बढ़ी चिंता

18/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला। हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और तपिश से परेशान लोगों के लिए राहत और चिंता दोनों एक साथ आने वाली हैं। मैदानी और मध्य-पहाड़ी इलाकों में तापमान के 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंचने के बाद अब मौसम पूरी तरह से करवट लेने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला (IMD Shimla) ने राज्य में एक नए और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के दस्तक देने की पुष्टि की है, जिसके चलते पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलने वाला है।
मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के कई हिस्सों के लिए आगामी 5 दिनों का ‘येलो अलर्ट’ (Yellow Alert) जारी कर दिया है।
19 से 23 मई तक आंधी, बारिश और आसमानी बिजली का साया
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस नए पश्चिमी विक्षोभ का असर 19 मई से शुरू होकर 23 मई तक लगातार देखने को मिलेगा। इस दौरान राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज रफ्तार से अंधड़ (Gale-force winds) चलने, गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने और आसमानी बिजली गिरने की प्रबल आशंका है।
विभाग ने विशेष रूप से तीन जिलों—चंबा, कांगड़ा और कुल्लू—के लिए सतर्क रहने की हिदायत दी है, जहाँ मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है।
मैदानी इलाकों को मिलेगी तपिश से राहत
पिछले एक हफ्ते से ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर और कांगड़ा के मैदानी इलाके भट्टी की तरह तप रहे थे, जिससे आम जनजीवन बेहाल हो चुका था। इस आगामी बारिश और ठंडी हवाओं के चलने से अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आने की उम्मीद है। चिलचिलाती धूप से परेशान स्थानीय लोगों और सैलानियों को इस प्री-मानसून बौछार से भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिलेगी।
सेब बागवानों और किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें
जहाँ एक तरफ यह बदला हुआ मौसम आम जनता को राहत देगा, वहीं प्रदेश की आर्थिकी की रीढ़ माने जाने वाले किसानों और बागवानों के लिए यह आफत बनकर आ सकता है।
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ओलावृष्टि का डर: मई के इस महीने में सेब के बगीचों में फ्लावरिंग के बाद छोटे फल (Setting Stage) आकार ले रहे होते हैं। ऐसे में यदि तेज आंधी के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) होती है, तो सेब की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
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नकदी फसलों पर संकट: टमाटर, शिमला मिर्च और मटर जैसी नकदी फसलों को भी इस अंधड़ और तेज बारिश से नुकसान होने का खतरा है, जिसके चलते कुल्लू, शिमला और मंडी के बागवान बेहद चिंतित हैं।
मौसम विभाग की सलाह: “19 से 23 मई के बीच ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से बचें। आंधी और आसमानी बिजली कड़कने के समय पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण न लें। किसान अपनी कटी हुई या तैयार फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाएं।”



