हिमाचल निकाय चुनाव परिणाम: 51 शहरी निकायों के नतीजे घोषित; कांग्रेस-भाजपा में कांटे की टक्कर, अब 31 मई को नगर निगमों का फैसला
47 नगर परिषदों और नगर पंचायतों के परिणाम साफ; हमीरपुर जिला 78.89% वोटिंग के साथ सबसे आगे; जनता ने कई दिग्गजों को नकारा, नए चेहरों पर जताया भरोसा

18/05/2026-VIDYA SAGAR
शिमला/घूमारवीं। हिमाचल प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले सत्ता का सेमीफाइनल माने जा रहे 51 शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के बहुप्रतीक्षित चुनावी नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। रविवार, 17 मई 2026 को हुए बम्पर मतदान के तुरंत बाद देर रात तक राज्य निर्वाचन आयोग ने 25 नगर परिषदों और 22 नगर पंचायतों के परिणाम पूरी तरह साफ़ कर दिए हैं। चूंकि नगर परिषद और नगर पंचायत के चुनाव दलीय आधार (पार्टी सिंबल) पर नहीं लड़े गए थे, इसलिए नतीजों के बाद अब दोनों ही प्रमुख दलों—सत्तारूढ़ कांग्रेस और मुख्य विपक्षी दल भाजपा—ने रिकॉर्ड सीटों पर अपने समर्थित उम्मीदवारों की जीत के दावे ठोक दिए हैं।
इस चुनाव में जहां प्रदेश भर की जनता ने भारी उत्साह दिखाया, वहीं कई वार्डों में अप्रत्याशित परिणाम देखने को मिले हैं, जहां अनुभवी नेताओं को पछाड़कर नए और युवा चेहरों ने बाजी मारी है।
सत्ता और विपक्ष के अपने-अपने दावे: कहाँ किसका पलड़ा भारी?
प्रारंभिक रिपोर्टों और राजनीतिक दावों के अनुसार, राज्य की सुक्खू सरकार और विपक्ष के बीच मुकाबला बेहद दिलचस्प रहा है:
-
कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों का गढ़: कांग्रेस ने दावा किया है कि उनके समर्थित प्रत्याशियों ने कांगड़ा (जहां सभी 9 वार्डों में क्लीन स्वीप हुआ), देहरा, नूरपुर, शाहपुर, नगरोटा बगवां, ज्वालामुखी, नेरचौक, बंजार, भुंतर, रिवालसर और करसोग व सरकाघाट में भारी जीत दर्ज की है।
-
भाजपा समर्थित उम्मीदवारों की वापसी: दूसरी तरफ, भाजपा ने भी कई महत्वपूर्ण कस्बों में अपना परचम लहराया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल और वरिष्ठ नेताओं के दावों के अनुसार मनाली, बिलासपुर, परवाणू, नालागढ़, अर्की और ऊना जैसे प्रमुख शहरी क्षेत्रों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का दबदबा रहा है।
आंकड़ों की जुबानी: रिकॉर्ड 69.16% बम्पर वोटिंग
राज्य निर्वाचन आयोग (SEC) के अनुसार, इस बार शहरी निकायों में कुल 69.16 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
-
हमीरपुर रहा अव्वल: छोटे शहरों और कस्बों में लोकतंत्र का गजब का उत्साह देखा गया, जिसमें हमीरपुर जिला 78.89% वोटिंग के साथ पूरे प्रदेश में शीर्ष पर रहा।
-
अन्य जिलों का रिपोर्ट कार्ड: शिमला में 77.36%, ऊना में 77.00%, सोलन में 76.94%, कांगड़ा में 74.51% और चम्बा में 68.22% मतदान हुआ।
-
कुल 449 वार्डों में से 10 वार्डों में पार्षद पहले ही निर्विरोध चुन लिए गए थे, जिसके चलते रविवार को 439 वार्डों में 1,147 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करने के लिए 3.60 लाख से अधिक मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव के दौरान की प्रमुख हलचलें
-
चंबा में दुखद हादसा: चंबा नगर परिषद चुनाव के दौरान वार्ड नंबर 1 में एक दुखद घटना घटी, जहाँ 70 वर्षीय बुजुर्ग अंजन शर्मा जब वोट डालने पोलिंग बूथ के पास पहुंचे, तो उन्हें अचानक दिल का दौरा पड़ा और मौके पर ही उनका निधन हो गया।
-
ऊना में राजनीतिक गरमाहट: ऊना से भाजपा विधायक सतपाल सिंह सत्ती जब संतागढ़ (वार्ड नंबर 6) के एक पोलिंग बूथ के अंदर दाखिल हुए, तो प्रतिद्वंदी दलों के कार्यकर्ताओं ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई, जिससे कुछ समय के लिए केंद्र पर तनाव का माहौल बन गया था।
-
1 वोट से ऐतिहासिक जीत: चम्बा के चुवाड़ी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 1 से बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला, जहाँ रही देवी ने मात्र 1 वोट के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 90 वोट मिले, जबकि उनकी निकटतम प्रतिद्वंदी अमिता देवी को 89 वोट प्राप्त हुए।
31 मई को आएगा ‘चार बड़े नगर निगमों’ का महा-परिणाम
शहरी निकायों (नगर परिषद और नगर पंचायत) के बैलेट पेपर से हुए चुनावों के नतीजे तो घोषित हो चुके हैं, लेकिन प्रदेश के चार सबसे बड़े नगर निगमों—धर्मशाला, पालमपुर, मंडी और सोलन—का सस्पेंस अभी बरकरार है। इन चारों नगर निगमों में चुनाव दलीय आधार (कांग्रेस और भाजपा के चुनाव चिन्ह) पर ईवीएम (EVM) मशीनों के जरिए कराया गया है।
चुनाव संपन्न होने के बाद सभी ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रॉन्ग रूम में सील कर दिया गया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत इन चारों नगर निगमों की मतगणना 31 मई 2026 को की जाएगी, जिसके बाद ही हिमाचल की शहरी राजनीति का असली ‘किंग’ कौन है, इसका अंतिम फैसला होगा।



